द लोकतंत्र/ मुंबई : महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख Uddhav Thackeray ने रविवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर को राजनीतिक और व्यावसायिक हितों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले और पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर भी तीखा हमला बोला।
परभणी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और उससे जुड़ी किसी भी तरह की कथित अनियमितता बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान राम के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
Uddhav Thackeray ने राम मंदिर चढ़ावा मामले पर साधा निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उद्धव ठाकरे ने कहा कि जिन लोगों ने “मंदिर वहीं बनाएंगे” का नारा दिया था, अब उनके उद्देश्य पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर आस्था का केंद्र होने के बजाय राजनीतिक और आर्थिक गतिविधियों का माध्यम बन गया है।
उन्होंने कहा कि यदि चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह केवल आर्थिक अनियमितता का मामला नहीं होगा, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा विषय भी है। ठाकरे ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं हिंदू समाज के विश्वास को प्रभावित करती हैं और इसकी पूरी पारदर्शिता के साथ जांच होनी चाहिए। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आ चुकी हैं और मामले की जांच जारी है।
TET पेपर लीक और बागी नेताओं पर भी बोले Uddhav Thackeray
उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के कथित पेपर लीक मामले को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होना राज्य की शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उनके अनुसार, यदि समय रहते ऐसे मामलों पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो युवाओं का व्यवस्था पर विश्वास कमजोर होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं और इनके पीछे सक्रिय लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। ठाकरे ने कहा कि भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी की प्रवृत्ति यदि नहीं रुकी तो इसका असर पूरे राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ेगा।
इसके अलावा शिवसेना (यूबीटी) छोड़ने वाले नेताओं को लेकर भी उद्धव ठाकरे ने अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने पार्टी के बागी सांसद संजय देशमुख का नाम लेते हुए कहा कि जनता के विश्वास से चुने गए प्रतिनिधियों का दल बदलना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से कहा कि वे राजनीतिक निष्ठा बनाए रखें और जनता के बीच जाकर संगठन को और मजबूत करें।
सभा को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने मानसून का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार बारिश नई हरियाली लेकर आती है और सूखे पत्तों को बहा ले जाती है, उसी प्रकार पार्टी में भी निष्ठावान कार्यकर्ता नई ऊर्जा के साथ आगे आ रहे हैं। उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया। राम मंदिर चढ़ावा विवाद, टीईटी पेपर लीक और दल-बदल जैसे मुद्दों पर उद्धव ठाकरे के इन बयानों ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सियासी बहस को तेज कर दिया है।



