Advertisement Carousel
National

RGPV का नाम बदलने की चर्चा पर सियासत तेज, Digvijaya Singh बोले- ‘राजीव गांधी का योगदान मिटाना उचित नहीं’

Politics Heats Up Over Discussions to Rename RGPV; Digvijaya Singh Says: ‘Erasing Rajiv Gandhi’s Contribution Is Not Appropriate’

द लोकतंत्र/ भोपाल : मध्य प्रदेश में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) का नाम बदलने और इसे तीन हिस्सों में विभाजित करने की चर्चा के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर राज्य के इतिहास और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के योगदान को कमजोर करने का आरोप लगाया है। इस पूरे मुद्दे पर अब प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता Digvijaya Singh ने भी प्रतिक्रिया दी है।

दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री Mohan Yadav से अपील करते हुए कहा कि राजीव गांधी के नाम को विश्वविद्यालय से हटाना उचित नहीं होगा। उन्होंने इसे देश की तकनीकी और आधुनिक शिक्षा के इतिहास से जोड़ते हुए सरकार से फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की।

फेसबुक पोस्ट में जताई आपत्ति

दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर पोस्ट करते हुए लिखा, राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन देश के पूर्व प्रधानमंत्री और तकनीकी क्रांति के सूत्रधार रहे राजीव गांधी जी के नाम को हटाना उचित नहीं है। मैं मुख्यमंत्री मोहन यादव से आग्रह करता हूं कि RGPV का नाम यथावत रखा जाए। इतिहास और योगदान को मिटाने की नहीं, सम्मान देने की आवश्यकता है।

उन्होंने आगे लिखा कि पूर्व प्रधानमंत्री Rajiv Gandhi ने भारत में तकनीकी और आधुनिक शिक्षा की नींव मजबूत करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। वर्ष 1998 में मध्य प्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने उनके योगदान के सम्मान में ‘राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय’ की स्थापना की थी, जो आज प्रदेश का सबसे बड़ा तकनीकी विश्वविद्यालय बन चुका है।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी उठाए सवाल

इससे पहले मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Umang Singhar ने भी इस मुद्दे पर बीजेपी सरकार को घेरा था। उन्होंने कहा था कि विश्वविद्यालय का नाम बदलने से न शिक्षा व्यवस्था बेहतर होगी और न ही युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार इतिहास बदलने की राजनीति कर रही है, जबकि देश राजीव गांधी के योगदान को कभी नहीं भूल सकता।

तीन हिस्सों में बांटने की चर्चा

सूत्रों के अनुसार, सरकार RGPV को प्रशासनिक रूप से तीन हिस्सों- भोपाल, जबलपुर और उज्जैन में बांटने पर विचार कर रही है। इसका उद्देश्य इंजीनियरिंग और तकनीकी कॉलेजों के प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाना बताया जा रहा है। हालांकि, विश्वविद्यालय के नए नाम को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

गौरतलब है कि RGPV देश के प्रमुख तकनीकी विश्वविद्यालयों में शामिल है और यहां से लाखों छात्र इंजीनियरिंग, फार्मेसी, आर्किटेक्चर और अन्य तकनीकी विषयों में डिग्री प्राप्त कर चुके हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय के नाम और संरचना में संभावित बदलाव को लेकर छात्रों और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।

यह भी पढ़ें – दिल्ली में ट्रैफिक नियमों पर सख्ती बढ़ी, गलत मोबाइल नंबर देने पर हो सकती है जेल

Team The Loktantra

Team The Loktantra

About Author

लोकतंत्र की मूल भावना के अनुरूप यह ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां स्वतंत्र विचारों की प्रधानता होगी। द लोकतंत्र के लिए 'पत्रकारिता' शब्द का मतलब बिलकुल अलग है। हम इसे 'प्रोफेशन' के तौर पर नहीं देखते बल्कि हमारे लिए यह समाज के प्रति जिम्मेदारी और जवाबदेही से पूर्ण एक 'आंदोलन' है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

Sanjay Singh AAP
National

राज्यसभा सांसद संजय सिंह क्यों हुए निलंबित, क्या है निलंबन के नियम

द लोकतंत्र : आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को सोमवार को उच्च सदन (राज्यसभा) में हंगामा और
HSBC
National

HSBC की रिपोर्ट में महंगाई का संकेत, 5 फीसदी महंगाई दर रहने का अनुमान

द लोकतंत्र : HSBC की रिपोर्ट में महंगाई के संकेत मिले हैं। एचएसबीसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि गेहूं