द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : भारत की अर्थव्यवस्था लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है। इसी बीच देश के अरबपतियों को लेकर आई नई रिपोर्ट ने सभी को चौंका दिया है। फोर्ब्स इंडिया की ताजा सूची के मुताबिक, भारत के 229 अरबपतियों की कुल संपत्ति पहली बार 1 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 97.5 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है। Mukesh Ambani टॉप पर हैं। खास बात यह रही कि इस बार सूची में 26 नए अरबपतियों के नाम भी शामिल हुए हैं। ऐसे में भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत दुनिया के सामने और मजबूती से उभरकर आई है।
Mukesh Ambani एक बार फिर भारत के सबसे अमीर व्यक्ति
इस सूची में Mukesh Ambani एक बार फिर भारत के सबसे अमीर व्यक्ति बने हैं। उनकी कुल संपत्ति 99.7 अरब डॉलर बताई गई है। उनकी दौलत में 7.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। वहीं Gautam Adani 63.8 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर रहे। उनकी संपत्ति में 13.3 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इसके अलावा Savitri Jindal 39.1 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गई हैं।
इस बार कई उद्योगपतियों की संपत्ति में रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखने को मिली। Lakshmi Mittal सबसे बड़े गेनर बनकर उभरे। उनकी संपत्ति में 61.5 प्रतिशत की तेजी दर्ज हुई और उनकी कुल दौलत 31 अरब डॉलर तक पहुंच गई। वहीं Shiv Nadar, Cyrus Poonawalla, Dilip Shanghvi और Kumar Mangalam Birla भी टॉप 10 अमीरों की सूची में शामिल रहे।
टेक्नोलॉजी, रिटेल, इंफ्रास्ट्रक्चर और फार्मा सेक्टर में जबरदस्त तेजी देखने को मिली
दरअसल, इस साल टेक्नोलॉजी, रिटेल, इंफ्रास्ट्रक्चर और फार्मा सेक्टर में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। इसका सीधा फायदा बड़े उद्योगपतियों की नेटवर्थ पर पड़ा। विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत अब सिर्फ विकासशील अर्थव्यवस्था नहीं रहा, बल्कि वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
फोर्ब्स इंडिया ने टॉप गेनर्स की अलग सूची भी जारी की है। इसमें लक्ष्मी मित्तल के बाद जॉय अलुक्कास, अल्पना दांगी, जयसिंघानी परिवार और Falguni Nayar जैसे नाम शामिल हैं। इन सभी की संपत्ति में इस साल बड़ा उछाल देखने को मिला।
Azim Premji, Acharya Balkrishna और Sanjeev Bikhchandani जैसे नाम टॉप लूजर्स की सूची में शामिल
हालांकि दूसरी तरफ कुछ बड़े उद्योगपतियों की संपत्ति में गिरावट भी दर्ज हुई है। Azim Premji, Acharya Balkrishna और Sanjeev Bikhchandani जैसे नाम टॉप लूजर्स की सूची में शामिल रहे। इसके अलावा Zoho Corporation से जुड़े राधा वेम्बू और सेकार वेम्बू की संपत्ति में भी कमी आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय कंपनियों का वैश्विक बाजार में विस्तार लगातार बढ़ रहा है। वहीं शेयर बाजार में मजबूती और निवेशकों के भरोसे ने भी अरबपतियों की संपत्ति बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। हालांकि, बढ़ती संपत्ति और आर्थिक असमानता को लेकर बहस भी जारी है। इसके बावजूद भारत की आर्थिक रफ्तार दुनिया के बड़े देशों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है।

