द लोकतंत्र/ नई दिल्ली डेस्क : Trump China Visit अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते वैश्विक तनाव और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump अपने दो दिवसीय दौरे पर चीन पहुंच गए हैं। हालांकि इस यात्रा की सबसे बड़ी चर्चा किसी समझौते या वार्ता को लेकर नहीं, बल्कि स्वागत प्रोटोकॉल को लेकर हो रही है। बीजिंग एयरपोर्ट पर ट्रंप का स्वागत चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने नहीं किया। उनकी जगह चीन के उपराष्ट्रपति Han Zheng अमेरिकी राष्ट्रपति को रिसीव करने पहुंचे।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह सिर्फ प्रोटोकॉल का मामला नहीं बल्कि चीन की ओर से दिया गया एक बड़ा कूटनीतिक संकेत माना जा रहा है। आमतौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति के दौरे पर मेजबान देश का शीर्ष नेता एयरपोर्ट पर मौजूद रहता है, खासकर तब जब दौरा रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा हो।
बीजिंग में ट्रंप का स्वागत औपचारिक तरीके से किया गया। एयरपोर्ट पर चीन और अमेरिका के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। स्वागत के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम और बैंड की भी व्यवस्था की गई थी। इसके बावजूद शी जिनपिंग की गैरमौजूदगी ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
जिनपिंग की अनुपस्थिति ने बढ़ाई कूटनीतिक चर्चाएं
चीन की सरकारी मीडिया के अनुसार ट्रंप के स्वागत के लिए उपराष्ट्रपति हान झेंग के साथ अमेरिका में चीन के राजदूत Xie Feng और बीजिंग में अमेरिकी राजदूत David Perdue भी मौजूद थे। एयरपोर्ट पर सफेद और नीली वर्दी में लगभग 300 युवाओं को स्वागत के लिए तैनात किया गया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अमेरिका-चीन संबंधों में मौजूदा तनाव को दर्शाता है। इससे पहले जब Barack Obama 2009 में चीन पहुंचे थे, तब तत्कालीन उपराष्ट्रपति शी जिनपिंग खुद एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करने पहुंचे थे।
दिलचस्प बात यह भी है कि ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान यूएई, इजरायल, सऊदी अरब और कतर जैसे देशों के दौरे पर गए, जहां उनका स्वागत संबंधित देशों के शीर्ष नेताओं ने किया था। ऐसे में चीन का यह रुख अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग संदेश देता नजर आ रहा है।
व्यापार, ताइवान और मिडिल ईस्ट पर होगी अहम चर्चा
ट्रंप और जिनपिंग के बीच होने वाली वार्ता को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक टैरिफ, तकनीकी प्रतिस्पर्धा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ताइवान मुद्दा, अमेरिकी हथियारों की बिक्री और वैश्विक सप्लाई चेन जैसे विषयों पर बातचीत होने की उम्मीद है।
इसके अलावा पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान से जुड़े मुद्दे भी इस बैठक के प्रमुख एजेंडे में शामिल माने जा रहे हैं। ट्रंप के दौरे से पहले ईरान के विदेश मंत्री की चीन यात्रा ने इस मुलाकात को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है।
इस दौरे में ट्रंप के साथ कई बड़ी अमेरिकी कंपनियों के प्रमुख भी पहुंचे हैं। इनमें Elon Musk, Tim Cook, Larry Fink और David Solomon जैसे दिग्गज कारोबारी शामिल हैं। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि इस यात्रा का फोकस सिर्फ राजनीति नहीं बल्कि वैश्विक व्यापार और आर्थिक रणनीति भी है। दुनिया की नजर अब ट्रंप और जिनपिंग की संभावित बैठक पर टिकी है, क्योंकि इस मुलाकात के नतीजे आने वाले समय में वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था की दिशा तय कर सकते हैं।

