द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने वरिष्ठ नेता वैको की पुस्तक ‘Vaiko in Parliament’ के विमोचन कार्यक्रम में केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में राहुल गांधी ने देश में चल रहे छात्र आंदोलनों, शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी, भाषाई विविधता और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश इस समय ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां युवा और छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं, जबकि सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय अलग दिशा में चर्चा कर रही है।
राहुल गांधी ने कहा कि देशभर में छात्र सड़कों पर हैं क्योंकि वे निष्पक्ष परीक्षाएं, पारदर्शी व्यवस्था और बेहतर शिक्षा प्रणाली चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था की खामियों ने युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने छात्रों को माफ करने की बात कही थी। कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री को यह अधिकार किसने दिया कि वे देश के युवाओं को माफ करने की बात करें।
‘भारत की विविधता को स्वीकार नहीं करती RSS की सोच’
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कहा कि भारत केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि राज्यों का एक संघ है, जहां हर राज्य की अपनी भाषा, संस्कृति, इतिहास और पहचान है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, केरल और देश के अन्य राज्यों की सांस्कृतिक विरासत भारत की ताकत है और किसी भी विचारधारा को इसे कमजोर करने का अधिकार नहीं है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि आरएसएस की विचारधारा भारत की विविधता को स्वीकार नहीं करती। उन्होंने कहा कि कुछ लोग केवल उसी इतिहास, भाषा और संस्कृति को महत्व देना चाहते हैं, जिसे वे सही मानते हैं, जबकि भारत की पहचान उसकी बहुलता और विविधता में है। राहुल गांधी के अनुसार, यही वैचारिक संघर्ष आज देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती है और छात्र भी इसी सोच के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत कभी भी अपनी भाषाओं, संस्कृतियों और इतिहास को दबाने की कोशिशों को स्वीकार नहीं करेगा। लोकतंत्र का अर्थ सभी राज्यों और समाजों को बराबरी का सम्मान देना है और यही संविधान की मूल भावना भी है।
वैको की तारीफ करते हुए युवाओं और बेरोजगारी का भी उठाया मुद्दा
राहुल गांधी ने कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता वैको की राजनीतिक यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी नेता की सबसे बड़ी पहचान उसकी विचारधारा में निरंतरता होती है। उन्होंने कहा कि वैको ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में हमेशा अपने सिद्धांतों का पालन किया और कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि 82 वर्ष की आयु में भी वैको लगातार सवाल पूछते हैं और उनके अनुसार, जो व्यक्ति सवाल पूछना बंद नहीं करता, वही वास्तव में युवा रहता है। राहुल गांधी ने कहा कि वैको का सार्वजनिक जीवन नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
अपने भाषण के अंत में राहुल गांधी ने फिर छात्रों और युवाओं की समस्याओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश के युवा आज बेरोजगारी, पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था की कमियों और भविष्य की अनिश्चितता से जूझ रहे हैं। सरकार को इन मुद्दों को राजनीतिक नजरिए से नहीं, बल्कि राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में देखना चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि यदि देश के युवाओं की आवाज को गंभीरता से नहीं सुना गया, तो यह केवल शिक्षा व्यवस्था का नहीं बल्कि देश के भविष्य का भी बड़ा प्रश्न बन जाएगा।




