द लोकतंत्र/ सुदीप्त मणि त्रिपाठी : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक बार फिर प्रदूषण की आपात स्थिति में खड़ी है। बृहस्पतिवार सुबह जब शहर जागा, तो सूरज की रोशनी नहीं बल्कि
द लोकतंत्र : छोटे पर्दे की जानी-मानी अभिनेत्री चारु असोपा, जिन्होंने ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ और ‘मेरे अंगने में’ जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों में काम कर घर-घर में अपनी पहचान
द लोकतंत्र : सोशल मीडिया के दौर में एक ‘परफेक्ट’ फोटो या रील केवल कैमरे की गुणवत्ता पर नहीं, बल्कि पृष्ठभूमि (Background) के सौंदर्य पर भी निर्भर करती है। आजकल
द लोकतंत्र : भारतीय आहार में सूखे मेवों (Dry Fruits) को सदा से शक्ति और बुद्धि वर्धक माना गया है। यद्यपि ये पोषक तत्वों का सघन स्रोत हैं, किंतु अधिकांश
द लोकतंत्र : वर्ष 2025 भारतीय खान-पान के इतिहास में एक ऐसे कालखंड के रूप में दर्ज किया जाएगा, जहाँ पारंपरिक स्वाद और वैश्विक व्यंजनों का अभूतपूर्व मिलन हुआ। सोशल
द लोकतंत्र : भारतीय खान-पान में ‘चटनी’ का स्थान सदा से अपरिहार्य रहा है। दाल-चावल, पराठा अथवा पारंपरिक स्नैक्स के साथ परोसी जाने वाली चटनी को अक्सर केवल जायका बढ़ाने
द लोकतंत्र : भारतीय परिवेश में सुबह का नाश्ता दिन भर की ऊर्जा का मुख्य स्त्रोत माना जाता है, किंतु नवीनतम स्वास्थ्य शोध एक चौंकाने वाली तस्वीर पेश करते हैं।