Advertisement Carousel
Politics

CJP Leaders Released: एक साल तक शांति की शर्त पर रिहाई, 50 हजार का बॉन्ड भरकर बाहर आए CJP नेता

CJP

द लोकतंत्र/नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास को रविवार सुबह रिहा कर दिया गया। हालांकि, रिहाई के साथ ही दिल्ली की एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए हैं। तीनों नेताओं को 50,000 रुपये के जमानती बॉन्ड के साथ एक साल तक शांति बनाए रखने का बॉन्ड भरना पड़ा। हैरानी की बात यह रही कि जेल से बाहर आने के बाद उनके स्वागत के लिए कोई समर्थक मौजूद नहीं था।

रिहाई के बाद भी जारी रहेंगी पाबंदियां

CJP के तीनों नेताओं को अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास की रिहाई के साथ ही उनके सामने कई शर्तें भी रखी गई हैं। कोर्ट ने तीनों नेताओं को सार्वजनिक सभाएं नहीं करने और किसी भी तरह की अशांति फैलाने से दूर रहने का निर्देश दिया है। उन्हें शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था का पालन करने के लिए पाबंद किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद तीनों नेता पुलिस स्टेशन से अकेले बाहर निकले। पार्टी की ओर से बड़े दावे किए जाने के बावजूद उनकी रिहाई के समय वहां कोई समर्थक या अनुयायी मौजूद नहीं था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।

क्या शर्तों के उल्लंघन पर दोबारा हो सकती है गिरफ्तारी?

रिहाई के बाद तीनों नेताओं को निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा। शांति भंग करने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने जैसी गतिविधियों में शामिल होने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, किसी शर्त के उल्लंघन पर दोबारा गिरफ्तारी की स्थिति संबंधित कानूनी प्रावधानों और परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

क्या है BNSS की धारा 126?

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 126 शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा लेने से संबंधित है। यदि किसी कार्यकारी मजिस्ट्रेट को जानकारी मिलती है कि कोई व्यक्ति शांति भंग कर सकता है या सार्वजनिक शांति बिगाड़ने की आशंका है, तो निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत उससे शांति बनाए रखने के लिए बॉन्ड भरवाया जा सकता है। इस प्रावधान का उद्देश्य संभावित विवाद या अशांति को रोकना है। इसके तहत की जाने वाली कार्रवाई कानून में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होती है।

BNSS की धारा 170 में क्या प्रावधान है?

BNSS की धारा 170 पुलिस को संज्ञेय अपराध किए जाने की योजना के संबंध में कुछ परिस्थितियों में निवारक गिरफ्तारी का अधिकार देती है। इसके तहत पुलिस अधिकारी बिना वारंट गिरफ्तारी कर सकता है, यदि उसे किसी संज्ञेय अपराध को अंजाम देने की योजना की जानकारी हो और अपराध को अन्य तरीके से रोका न जा सके। इस प्रावधान का उद्देश्य संभावित अपराध को समय रहते रोकना है। इसका इस्तेमाल कानून में निर्धारित शर्तों के अधीन ही किया जा सकता है।

मुंबई से दिल्ली पहुंचते ही हिरासत में लिए गए थे CJP नेता

अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास को रविवार सुबह रिहा किया गया। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने मुंबई से दिल्ली पहुंचने के बाद एयर इंडिया की फ्लाइट से उतरते ही तीनों नेताओं को हिरासत में ले लिया था। पुलिस की कार्रवाई BNSS की धारा 126 और 170 के तहत की गई थी तीनों नेताओं की रिहाई के बाद अब यह देखना अहम होगा कि CJP आगे अपनी राजनीतिक गतिविधियों को किस तरह संचालित करती है। फिलहाल, कोर्ट की शर्तों के चलते पार्टी के इन प्रमुख नेताओं को सार्वजनिक सभाओं और कानून-व्यवस्था से जुड़े निर्देशों का विशेष ध्यान रखना होगा।


यह भी पढ़े-

CJP Protest Live: दिल्ली में हाई अलर्ट, 43 हजार जवान तैनात; ध्रुव राठी को हिरासत में , प्रदर्शन की अनुमति नहीं

SUJIT SHARMA

SUJIT SHARMA

About Author

सुजीत शर्मा मास कम्युनिकेशन एवं जर्नलिज्म में गोल्ड मेडलिस्ट पोस्टग्रेजुएट और UGC-NET योग्य पत्रकार हैं। वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय राजनीति, समाचार लेखन, रिपोर्टिंग और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखते हैं। जटिल मुद्दों को सरल, स्पष्ट और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी प्रमुख विशेषता है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

Rahul Gandhi
Politics

PM मोदी के बयान पर राहुल बोले – आप हमें जो चाहें बुलाएं, लेकिन हम INDIA हैं

द लोकतंत्र : पीएम मोदी ने विपक्षी दलों के गठबंधन का INDIA नाम रखने पर कहा कि विपक्ष का गठबंधन
Amit Shah in Parliament
Politics

अमित शाह ने मल्लिकार्जुन खरगे को चिट्ठी लिखकर मणिपुर पर चर्चा के लिए सहयोग माँगा

द लोकतंत्र : मणिपुर मामले को लेकर संसद के दोनों सदनों में गतिरोध जारी है। अमित शाह ने चिट्ठी लिखकर