द लोकतंत्र/अयोध्या: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Digvijaya Singh के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), विश्व हिंदू परिषद (VHP) और राम मंदिर निर्माण से जुड़े चंदे को लेकर दिए गए बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। दिग्विजय सिंह ने RSS और VHP पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राम मंदिर के नाम पर जुटाए गए चंदे का कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया। उन्होंने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को लेकर भी टिप्पणी की और उन्हें RSS का ‘एजेंट’ बताया। दिग्विजय सिंह के इन आरोपों पर अयोध्या के संतों ने कड़ी आपत्ति जताई है। महंत सीताराम दास ने उनके बयान को निंदनीय और बेबुनियाद बताते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणी एक वरिष्ठ नेता को नहीं करनी चाहिए।
‘चंपत राय RSS के एजेंट हैं’, Digvijaya Singh का दावा
Digvijaya Singh ने आरोप लगाया कि चंपत राय का सनातन परंपराओं से कोई वास्तविक संबंध नहीं है। उन्होंने दावा किया कि राम मंदिर के लिए जुटाए गए चंदे में गड़बड़ी की गई और VHP के माध्यम से प्राप्त धन का इस्तेमाल कथित तौर पर बीजेपी के चुनावी फंड के लिए किया जा रहा है। कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि इस धन का इस्तेमाल बीजेपी और RSS से जुड़ी बड़ी इमारतों के निर्माण में किया जा रहा है।
हालांकि, ये आरोप दिग्विजय सिंह के राजनीतिक दावे हैं और उनकी पुष्टि के लिए इस बयान में कोई स्वतंत्र दस्तावेज या प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है।
हिंदुत्व को लेकर भी RSS-VHP पर निशाना
Digvijaya Singh ने ‘हिंदुत्व’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर भी RSS और VHP पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि वेद, पुराण और अन्य हिंदू धार्मिक ग्रंथों में ‘हिंदुत्व’ शब्द का उल्लेख नहीं है और भारतीय परंपरा का मूल आधार ‘सनातन धर्म’ है। उन्होंने कहा कि RSS, VHP और विनायक दामोदर सावरकर ने ‘हिंदुत्व’ शब्द को एक अलग राजनीतिक संदर्भ में इस्तेमाल किया और वह इसी मुद्दे को लेकर उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा करने जा रहे हैं। दिग्विजय सिंह के मुताबिक, इस यात्रा का उद्देश्य लोगों के बीच यह सवाल उठाना है कि ‘हिंदुत्व’ और ‘सनातन धर्म’ को किस तरह अलग-अलग राजनीतिक संदर्भों में इस्तेमाल किया जा रहा है।
उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा करेंगे Digvijaya Singh
Digvijaya Singh ने कहा कि वह उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा करने वाले हैं। उन्होंने दावा किया कि यात्रा का उद्देश्य सनातन परंपरा और ‘हिंदुत्व’ को लेकर अपनी विचारधारा और सवालों को लोगों तक पहुंचाना है। उनके इस बयान के बाद अयोध्या में संतों की प्रतिक्रिया सामने आई है और राजनीतिक बयानबाजी ने नया रूप ले लिया है।
अयोध्या के संत ने जताई आपत्ति
Digvijaya Singh के बयान पर अयोध्या के महंत सीताराम दास ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस नेता के आरोपों को निंदनीय और बेबुनियाद बताया। महंत सीताराम दास ने कहा कि इतने वरिष्ठ नेता की ओर से इस तरह की टिप्पणी उचित नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर सनातन संस्कृति के प्रति विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया और राम जन्मभूमि मंदिर को लेकर कांग्रेस के पुराने रुख का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह के अयोध्या पहुंचने पर संत समाज की ओर से विरोध किया जाएगा। उन्होंने यहां तक कहा कि उन्हें काले झंडे दिखाए जाएंगे और पूजा-अर्चना को लेकर भी विरोध किया जाएगा।
राम मंदिर और चंदे को लेकर फिर गरमाई सियासत
राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़े राजनीतिक मुद्दों पर पहले भी कांग्रेस और बीजेपी के बीच तीखी बयानबाजी होती रही है। अब Digvijaya Singh के ताजा आरोपों ने इस मुद्दे को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
एक तरफ कांग्रेस नेता ने RSS और VHP पर राम मंदिर के नाम पर जुटाए गए चंदे के कथित दुरुपयोग और राजनीतिक इस्तेमाल के आरोप लगाए हैं, वहीं अयोध्या के संतों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दिग्विजय सिंह के बयान पर आपत्ति जताई है। ऐसे में उज्जैन से अयोध्या प्रस्तावित पदयात्रा के दौरान इस मुद्दे पर सियासी और धार्मिक प्रतिक्रिया और तेज होने की संभावना है।
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