द लोकतंत्र/ लुधियाना / टिंकू भाटिया : पंजाब के Ludhiana में विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक एएसआई (ASI) को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी एएसआई जिंदर सिंह को जालंधर बाईपास चौक के पास ट्रैप लगाकर पकड़ा गया। विजिलेंस ब्यूरो के एसएसपी वरिंदर बराड़ ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि शिकायत और ऑडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर यह ऑपरेशन अंजाम दिया गया।
जानकारी के अनुसार यह मामला दो पक्षों के बीच हुए झगड़े और उसके बाद दर्ज क्रॉस केस से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि एएसआई ने पहले समझौता करवाने के नाम पर 50 हजार रुपये लिए और बाद में दूसरे पक्ष के खिलाफ क्रॉस केस दर्ज करने के लिए 40 हजार रुपये की अतिरिक्त रिश्वत मांगी।
समझौते के नाम पर पहले लिए 50 हजार, फिर मांगी नई रिश्वत
शिकायतकर्ता रंजीत सिंह निवासी चिट्टी कॉलोनी, गांव भटियां बेट ने विजिलेंस को दी शिकायत में बताया कि उसकी पत्नी मनजीत कौर का पड़ोसी अश्वनी कुमार के साथ विवाद हो गया था। दोनों पक्षों ने सिविल अस्पताल में मेडिकल करवाने के बाद पुलिस चौकी एल्डिको एस्टेट में शिकायत दर्ज करवाई थी।
मामले की जांच थाना सलेमटाबरी के अधीन आने वाली पुलिस चौकी के प्रभारी एएसआई जिंदर सिंह के पास थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि एएसआई ने दोनों पक्षों के बीच समझौता करवाने के नाम पर 50 हजार रुपये की रिश्वत ली। इसके बावजूद 31 जुलाई 2026 को उसकी पत्नी और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया गया। इसके बाद आरोपी एएसआई ने दूसरे पक्ष के खिलाफ क्रॉस केस दर्ज करने के लिए 40 हजार रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता ने रिश्वत मांगने की बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग कर ली और इसे विजिलेंस ब्यूरो को सौंप दिया।
ऑडियो सबूत के आधार पर बिछाया जाल, रिश्वत लेते ही दबोचा
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस यूनिट लुधियाना की इंस्पेक्टर किरनप्रीत कौर के नेतृत्व में टीम ने ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनाई। सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता को तय रकम के साथ भेजा गया। जैसे ही एएसआई जिंदर सिंह ने 40 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार की, विजिलेंस टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। बताया गया कि गिरफ्तारी के समय आरोपी ने नीचे पुलिस की वर्दी की पैंट और जूते पहन रखे थे, जबकि ऊपर सामान्य टी-शर्ट पहनी हुई थी ताकि उसकी पहचान आसानी से न हो सके।
विजिलेंस ब्यूरो ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि इस मामले में कोई अन्य पुलिसकर्मी या व्यक्ति शामिल था या नहीं। यदि जांच में किसी अन्य की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। विजिलेंस अधिकारियों ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।



