द लोकतंत्र/ रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai मंगलवार को दंतेवाड़ा जिले के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने सुशासन तिहार के तहत चेरपाल में आयोजित चौपाल कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभार्थियों से सीधे संवाद कर योजनाओं के प्रभाव और जमीनी स्तर पर उनके क्रियान्वयन की जानकारी ली। कार्यक्रम से पहले उन्होंने गीदम में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का निरीक्षण किया। कलेक्टर देवेश ध्रुव ने मुख्यमंत्री को जिले में प्राप्त आवेदनों और शिकायतों के निराकरण की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले के लगभग 29 हजार किसान जैविक खेती से जुड़े हुए हैं और प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभार्थी बुधनी बाई से बातचीत की, जिन्होंने बताया कि उनका आवास निर्माण पूरा हो चुका है और उन्हें योजना की पूरी राशि प्राप्त हो गई है। वहीं स्व-सहायता समूह से जुड़ी ‘लखपति दीदी’ कुंती बाई ने बताया कि वे सालाना लगभग दो लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि अब उन्हें करोड़पति बनने का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। आयुष्मान भारत योजना की लाभार्थी प्रमिला ने अपने बच्चे के सफल उपचार का अनुभव साझा किया, जबकि महतारी वंदन योजना की लाभार्थी संगीता नाथ ने बताया कि योजना से मिलने वाली राशि परिवार की जरूरतों और बचत में सहायक साबित हो रही है।
चेरपाल और आसपास के क्षेत्रों को मिली करोड़ों की विकास परियोजनाएं – Vishnu Deo Sai
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चौपाल कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने चेरपाल और तुमरीगुंडा खेल मैदानों के विकास हेतु 50-50 लाख रुपये स्वीकृत किए। इसके अलावा तुमरीगुंडा में पशु औषधालय भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये तथा चेरपाल में मॉडल बाजार निर्माण के लिए 60 लाख रुपये की मंजूरी दी गई। गोयंदर नाला पर स्टॉप डैम निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये की घोषणा भी की गई।
इसके साथ ही बेनपाल, बड़ेपल्ली, पुरंगेल और लोहागांव में विद्युतीकरण कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। मुख्यमंत्री ने ढोलकाल, हादावाड़ा और कुम्हार रास क्षेत्रों के पर्यटन विकास तथा मां दंतेश्वरी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने का भी ऐलान किया।
बस्तर के विकास और आदिवासी संस्कृति संरक्षण पर सरकार का फोकस – Vishnu Deo Sai
मुख्यमंत्री साय ने काउरगांव स्थित पोटाकेबिन के पक्के निर्माण और गीदम में आईआईटी भिलाई के सहयोग से ट्राइबल रिसर्च पार्क स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह संस्थान आदिवासी संस्कृति, परंपराओं, ज्ञान और नवाचारों के संरक्षण एवं शोध का प्रमुख केंद्र बनेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहा, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में अब क्षेत्र में शांति और विकास का नया दौर शुरू हुआ है। उन्होंने सुरक्षा बलों के जवानों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर को देश के विकसित क्षेत्रों में शामिल करना सरकार का संकल्प है। नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से दूरस्थ इलाकों में विकास कार्यों को गति दी जा रही है, जबकि जिले में 12 नई सड़कों का निर्माण भी कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन और वनोपज आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। साथ ही बस्तर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि लोगों को इलाज के लिए बड़े शहरों पर निर्भर न रहना पड़े।

