द लोकतंत्र/ नई दिल्ली डेस्क : कतर के प्रमुख गैस उत्पादन केंद्र में हुए भीषण विस्फोट (Qatar Gas Plant Blast) ने न केवल खाड़ी क्षेत्र बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार की चिंताओं को भी बढ़ा दिया है। रविवार रात रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी स्थित बरजान गैस सप्लाई फैसिलिटी में हुए धमाके में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 54 अन्य घायल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा 18 लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा उस समय हुआ जब तकनीकी कर्मचारी और इंजीनियर ईरान के साथ क्षेत्रीय तनाव के कारण बंद पड़े गैस प्लांट को दोबारा शुरू करने का प्रयास कर रहे थे। मृतकों में भारत और पाकिस्तान के नागरिकों के शामिल होने की भी जानकारी सामने आई है, हालांकि संबंधित देशों के नागरिकों की सटीक संख्या को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह दुर्घटना ऐसे समय में हुई है जब कतर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को सामान्य करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा था। इसलिए इस हादसे का असर केवल कतर तक सीमित न रहकर अंतरराष्ट्रीय गैस बाजार पर भी पड़ सकता है।
Qatar Gas Plant Blast – रास लाफान गैस प्लांट में कैसे हुआ हादसा?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विस्फोट कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित बरजान गैस सप्लाई फैसिलिटी में हुआ। यह प्लांट प्रतिदिन लगभग 1.4 अरब मानक घन फीट प्राकृतिक गैस का उत्पादन करता है। इस गैस का उपयोग मुख्य रूप से कतर में बिजली उत्पादन और समुद्री जल को पीने योग्य बनाने वाले संयंत्रों के संचालन में किया जाता है।
इस परियोजना का संचालन कतर की सरकारी ऊर्जा कंपनी ‘कतरएनर्जी’ करती है, जबकि इसमें अमेरिकी ऊर्जा कंपनी एक्सॉनमोबिल की भी हिस्सेदारी है। विशेषज्ञों के अनुसार यह संयंत्र कतर के ऊर्जा ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। यूएस-ईरान तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बाधित समुद्री गतिविधियों के कारण कतर ने कुछ समय पहले गैस उत्पादन सीमित कर दिया था। हाल के दिनों में क्षेत्रीय तनाव कम होने और निर्यात गतिविधियों को पुनः शुरू करने की उम्मीदों के बीच इस प्लांट को दोबारा चालू करने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान यह हादसा हो गया।
कतर के ऊर्जा मंत्री शेरिदा अल काबी ने पुष्टि की कि विस्फोट में 13 लोगों की जान गई है और 54 लोग घायल हुए हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए राहत एवं बचाव अभियान जारी है।
Qatar Gas Plant Blast पर भारत ने जताई चिंता, वैश्विक गैस बाजार पर पड़ सकता है असर
दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कतर सरकार और वहां के नागरिकों के प्रति संवेदना जताई है। भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि इस कठिन समय में भारत और कतर का भारतीय समुदाय पूरी एकजुटता के साथ कतर के लोगों के साथ खड़ा है।
दूतावास ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है और लापता लोगों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना व्यक्त की है। साथ ही प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिजनों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर और ईमेल सुविधा भी जारी की गई है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि इस हादसे के कारण वैश्विक एलएनजी (Liquefied Natural Gas) बाजार में फिर से अनिश्चितता बढ़ सकती है। कतर दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी निर्यातकों में शामिल है और जापान, दक्षिण कोरिया सहित यूरोप एवं एशिया के कई देश उसकी गैस आपूर्ति पर निर्भर हैं।
पहले ही क्षेत्रीय संघर्ष और समुद्री मार्गों में बाधा के कारण गैस निर्यात प्रभावित था। अब इस विस्फोट के बाद उत्पादन और निर्यात बहाली में और देरी हो सकती है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कीमतों और एलपीजी आपूर्ति पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।




