द लोकतंत्र/ लखनऊ : Lucknow Coaching Center Fire उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में सोमवार दोपहर भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। आग की चपेट में आने से कम से कम 15 बच्चों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग इमारत में संचालित एक कोचिंग सेंटर से शुरू हुई और देखते ही देखते पूरे कॉम्प्लेक्स में फैल गई। भवन में कोचिंग सेंटर के अलावा पेट शॉप, लाइब्रेरी और गेमिंग जोन भी संचालित हो रहे थे।
हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया। दमकल विभाग और प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया। इस दर्दनाक घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
Lucknow Coaching Center Fire: राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय नेताओं ने जताया शोक
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि लखनऊ में हुई अग्नि दुर्घटना में कई लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर दुख जताया। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी संदेश में कहा गया कि लखनऊ में आग लगने की घटना में लोगों की मौत अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन और बचाव एजेंसियां हर संभव सहायता उपलब्ध करा रही हैं। साथ ही मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की गई।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इस घटना को हृदय विदारक बताते हुए कहा कि यह हादसा बेहद दुखद है और उनकी संवेदनाएं उन सभी परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। वहीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताया और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि यह हादसा बेहद दुखद और हृदयविदारक है। उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।
Lucknow Coaching Center Fire की जानकारी मिलने पर सीएम योगी ने दौरा छोड़ा, विपक्ष ने उठाए सवाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ में अपने कार्यक्रम के दौरान हादसे की जानकारी मिलने पर गहरा दुख व्यक्त किया और तत्काल लखनऊ लौटने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों की इस दुर्घटना में जान गई है, उनके परिवारों के प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर भी शोक संदेश जारी करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। हादसे के बाद प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मीडिया से बातचीत के दौरान भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और घटना की हर स्तर पर जांच कराई जाएगी।
वहीं विपक्ष ने इस घटना को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने इसे प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा मानकों की विफलता बताया। उन्होंने कहा कि राजधानी में इतनी बड़ी दुर्घटना होना गंभीर चिंता का विषय है और मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी हादसे को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं कई परिवारों के सपनों को तोड़ देती हैं। उन्होंने सभी पक्षों से आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।
फिलहाल प्रशासन आग लगने के कारणों की जांच कर रहा है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि भवन में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सार्वजनिक भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




